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सहायक आचार्य संवर्ग नियमावली 2023 में फिर हुआ संशोधन, पारा शिक्षकों के लिए खुशखबरी

सहायक आचार्य संवर्ग नियमावली 2023 में फिर हुआ संशोधन, पारा शिक्षकों के लिए खुशखबरी

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सहायक आचार्य संवर्ग नियमावली 2023 में फिर हुआ संशोधन, पारा शिक्षकों के लिए खुशखबरी

सहायक आचार्य संवर्ग नियमावली 2023 में फिर हुआ संशोधन, पारा शिक्षकों के लिए खुशखबरी

झारखण्ड सरकार स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (प्राथमिक शिक्षा निदेशालय) ने अधिसूचना जारी की है।

अधिसूचना में कहा गया है कि भारत का संविधान के अनुच्छेद 309 के परंतुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए झारखंड राज्यपाल एतद् द्वारा झारखंड राज्य स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (प्राथमिक शिक्षा निदेशालय) के अधीन प्रारंभिक विद्यालयों में सहायक आचार्य के पद पर नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवा शर्त हेतु गठित “सहायक आचार्य संवर्ग (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2022”-सह-यथा संशोधित; “सहायक आचार्य संवर्ग (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवा शत्र्त्त) (संशोधन) नियमावली, 2023”-सह-यथा संशोधित एवं “सहायक आचार्य संवर्ग (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवा शर्त्त) (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2023” में निम्नांकित संशोधन किया गया है।

(क) यह नियमावली झारखण्ड प्रारंभिक विद्यालय सहायक आचार्य संवर्ग (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवा शर्त्त) (तृतीय संशोधन) नियमावली, 2024 कही जाएगी। और इसका विस्तार सम्पूर्ण झारखण्ड राज्य में होगा। यह नियमावली अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से प्रवृत्त होगी।

“सहायक आचार्य संवर्ग (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2022” (यथा संशोधित) के नियम 2 (भ) के बाद नियम 2 (म) के रूप में उर्दू सहायक आचार्य का परिभाषा निम्नवत् अंकित किया गया है-

सहायक आचार्य (उर्दू) से तात्पर्य है राज्य सरकार के प्रारंभिक विद्यालय (कक्षा 1 से 8) में अध्यापन करने वाले सहायक आचार्य जो उर्दू भाषा में शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण हों।

इण्टरमीडिएट प्रशिक्षित एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य के पद के लिए निरूपित अनिवार्य विषय के कंडिका (ख) (B) (ⅰ) एवं कंडिका- (ग) (A) (i) (ii) (माध्यमिक परीक्षा के अनुरूप मातृभाषा में से कोई एक) में न्यूनतम 30 प्रतिशत लाना अनिवार्य होगा। अनिवार्य विषय में न्यूनतम 30 प्रतिशत अंक अर्जित करने के उपरांत ही अन्य विषयों के उत्तर पुस्तिका की जाँच की जायेगी। इसका प्राप्तांक मेधा सूची के निर्माण हेतु नहीं जोड़ा जायेगा।

(ii) कंडिका-(ग) (C) (i) (ii) (iii) में से प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा। उसके उपरांत ही सभी विषयों के प्राप्तांक के आधार पर मेधा सूची तैयार की
जायेगी।

नोट : सहायक अध्यापक के मामले में उपर्युक्त कंडिका नियम-8 (च) (ⅰ) एवं (च) (ii) को शिथिल किया गया है।

वहीं सहायक आचार्य के पद पर नियुक्ति हेतु कोटिवार न्यूनतम प्राप्तांक की बाध्यता सहायक अध्यापक के मामले में लागू नहीं होगा। ये सहायक अध्यापकों के लिए अच्छी खबर है। झारखण्ड राज्यपाल के आदेश से यह अधिसूचना जारी की गई है।

संशोधित नियमावली से ये भी निम्न लाभ होगा

1. केवल हिन्दी में 30% अंक लाना अनिवार्य।

2. बाकी पेपर में कुल मिलाकर जितना अंक प्राप्त होगा। उसी के अनुसार मेरिट लिस्ट की सूची जारी।

3.सामान्य कोटि के सीटों पर भी OBC जा सकते हैं ।

4.sc और st के सीट पर कोई नहीं। केवल sc ,st ही रहेंगे।

इस तरह की बहाली पूर्व में भी हो रही थी। संशोधित नियमावली से सहायक अध्यापक के 50% आरक्षित सीट लगभग पूर्ण केवल खाली सीट कुछ बचेगा तो वह है SC और ST का सीट। पूर्व के नियमावली में खाली सीट पर गैर टेट पास पारा से भरने का नियम था।

गौरतलब हो कि जब सरकार से अनेकों वार्ता हो रही थी।उस समय सरकार सीधे समायोजन पर तैयार नहीं हो रही थी और अंतिम समय तक अगुवा साथी डटे रहे। अंत में पूर्व प्रधान सचिव श्री विनय चौबे ने कहा था कि मैं कट ऑफ मार्क्स को शिथिल कर देंगे और वार्ता से उठकर चल दिए थे। जिसे नियमावली में शिथिल कर दिया गया है।

पूरी अधिसूचना पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ।

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