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सहायक अध्यापकों का फिर फूटा गुस्सा, प्रशिक्षण का बहिष्कार करते हुए बीआरसी में मौन बैठे

सहायक अध्यापकों का फिर फूटा गुस्सा, प्रशिक्षण का बहिष्कार करते हुए बीआरसी में मौन बैठे

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सहायक अध्यापकों का फिर फूटा गुस्सा, प्रशिक्षण का बहिष्कार करते हुए बीआरसी में मौन बैठे

सहायक अध्यापकों का फिर फूटा गुस्सा, प्रशिक्षण का बहिष्कार करते हुए बीआरसी में मौन बैठे

बीते 19 दिसंबर 2023 को झारखंड सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के बैनरतले वेतनमान सहित विभिन्न मांगों को लेकर राँची में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया था। जिसमें जिले से कई शिक्षक आकस्मिक अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन में शामिल हुए थे। जिसके बाद इसी शाम में हजारीबाग डीएसई संतोष कुमार गुप्ता के द्वारा ऑनलाइन छुट्टी नहीं लेने का कारण बताकर हजारीबाग जिले के 19 तारीख को अनुपस्थ रहने वाले सभी शिक्षकों का मानदेय कटौती करते हुए स्पष्टीकरण मांगा था। जिसके बाद पारा शिक्षकों ने इसका विरोध किया। और काला बिल्ला लगाकर शैक्षणिक कार्य किया। साथ ही प्रदेश अध्यक्ष संजय दुबे और जिला अध्यक्ष चन्दन कुमार के नेतृत्व में जिला कार्यालय में धरने पर बैठे । जहां जिला परिषद अध्यक्ष, सदर विधायक मनीष जयसवाल,बरक्कट्ठा विधायक अमित सिंह सहित अन्य ने धरना स्थल पहुँच कर इनके धरने का समर्थन किया। साथ ही पारा शिक्षक संघ के प्रतिनिधि के साथ हजारीबाग उपायुक्त से मुलाकात की । जहां पारा शिक्षकों के मानदेय कटौती नहीं करने के बात पर धरना प्रदर्शन खत्म हुआ था पर जब 25 जनवरी को मानदेय आया तो सभी अनुपस्थित रहने वाले सहायक अध्यापकों का 19 दिसम्बर का मानदेय कटौती कर भेज दिया गया। जिससे पारा शिक्षक काफी आक्रोश में हैं। इस बात की जानकारी पारा शिक्षक संघ के प्रखण्ड अध्यक्ष रामावतार प्रजापति द्वारा दी गई।

मानदेय कटौती के विरोध में दिनांक 27/01/24 दिन शनिवार को सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा चौपारण प्रखण्ड इकाई ने प्रखण्ड अध्यक्ष राम अवतार प्रजापति के नेतृत्व में 50 से अधिक पारा शिक्षकों ने एफ एल एन प्रशिक्षण का बहिष्कार करते हुए बीआरसी में ही मौन बैठ गए। इस सम्बंध में अध्यक्ष श्री प्रजापति ने विभाग से सवाल करते हुए कहा कि जब आफ लाईन आकस्मिक अवकाश नही मिल सकता है तो ऑफ लाईन प्रशिक्षण में उपस्थिति का हस्ताक्षर कैसे मान्य होगा ? एक ही विभाग के लिए अलग अलग नियम विभाग के दोहरे चरित्र और दुर्भावनापूर्ण दर्शाता है। जबकि सभी सहायक अध्यापकों के द्वारा ऑफ लाइन आवेदन देकर ही छुट्टी लिया गया था। ज्ञात हो कि इससे पहले कभी भी ऑनलाइन छुट्टी को लेकर न ही शिक्षकों को ट्रेनिग दी गई थी और न ही कभी मानदेय का कटौती किया गया था। वहीं बीईईओ उमाकांत यादव के आश्वासन पर घण्टो बाद मौन विरोध समाप्त हुआ।

मौन में बैठे पारा शिक्षकों में प्रखंड अध्यक्ष राम अवतार प्रजापति,सीताराम यादव, दिनेश कुमार, बच्चू राणा, गुलाब साव,प्रदीप सिंह,मनोज कुमार,प्रमोद चौरसिया, अशोक यादव, कैलाश साहू, गणेश साहू के अलावे 50 से अधिक सहायक अध्यापक शामिल थे।

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