Search
Close this search box.

झारखंड सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, मिलेगा आयुसीमा में छूट, इन पदों पर बहाली

झारखंड सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, मिलेगा आयुसीमा में छूट, इन पदों पर बहाली

Join Us On

झारखंड सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, मिलेगा आयुसीमा में छूट, इन पदों पर बहाली

झारखंड सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, मिलेगा आयुसीमा में छूट, इन पदों पर बहाली

झारखंड सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है। जेपीएससी के द्वारा कुल 340 पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
प्रशासनिक सेवा के लिए 200 से अधिक पद पर नियुक्ति निकलने की उम्मीद है। उन्हें आयु सीमा में छूट मिल सकता है। झारखंड सरकार आयुसीमा में बड़ी राहत दे सकती है। सूत्रों के अनुसार जारी होने जा रहे सिविल सेवा नियुक्ति विज्ञापन में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयुसीमा में छूट मिल सकती है। सिविल सेवा नियुक्ति नियमावली को बीते दिनों हुए कैबिनेट से स्वीकृति मिली थी। इसमें स्पष्ट किया गया है कि संशोधित नियमावली के अंतर्गत सिविल सेवा परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की आयु न्यूनतम 21 वर्ष एवं विज्ञापन वर्ष के एक अगस्त को अधिकतम 35 वर्ष होना अनिवार्य है।

पिछली बार जेपीएससी की ओर से एक साथ सातवीं से दसवीं सिविल सेवा (2017, 2018, 2019,2020) की परीक्षा आयोजित हूई थी। तब जेपीएससी ने परीक्षा के लिए अधिकतम आयु की सीमा 2016 तय कर रखी थी। अब इस बात की आशंका बनी हुई है कि यदि वर्ष 2024 में आने वाले विज्ञापन से परीक्षा ली जाती है तो 2020 से 2023 के बीच तक के लाखों अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो जाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक अभ्यर्थियों की मांग एवं वस्तुस्थिति को देखते हुए हेमन्त सरकार द्वारा साल 2020 या 2021 को अधिकतम आयु सीमा करने पर हेमंत सरकार विचार किया जा रहा है।और प्रस्ताव को कार्मिक विभाग की ओर से से मुख्यमंत्री को भेजने की तैयारी है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद सिविल सेवा नियमावली में आयु सीमा के संशोधन पर कैबिनेट की स्वीकृति मिलेगी। कार्मिक विभाग के सूत्रों के मुताबिक जेपीएससी इस बार भी तीन 11वीं 12वीं और 13वीं सिविल सेवा परीक्षाएं को एक साथ लेने की तैयारी में है।

बड़ी खबर : झारखंड के अस्थाई कर्मियों के लिए खुशखबरी,4 माह के अंदर होंगे नियमित, हाइकोर्ट ने सुनाया बड़ा निर्णय

x

Leave a Comment