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टेट सफल 2016 की होगी सीधी नियुक्ति ? हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में शिक्षा विभाग हुआ रेस

टेट सफल 2016 की होगी सीधी नियुक्ति ? हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में शिक्षा विभाग हुआ रेस

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टेट सफल 2016 की होगी सीधी नियुक्ति ? हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में शिक्षा विभाग हुआ रेस

टेट सफल 2016 की होगी सीधी नियुक्ति ? हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में शिक्षा विभाग हुआ रेस

राँची : टेट सफल 2016 के अभ्यर्थीयों की सीधी नियुक्ति हो सकती है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग रेस हो गई हैं।

शुक्रवार को झारखण्ड सरकार स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के कैलाश मिश्रा, सहायक निदेशक, प्राथमिक शिक्षा ने याचिकाकर्ता परिमल कुमार, पिता-श्री कालेश्वर रविदास, गुलज़ार बाग, गोड्डा, पो०+थाना- गोड्डा, जिला-गोड्डा, झारखण्ड को पत्र प्रेषित की है।

पत्र में कहा गया है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा डब्ल्यू०पी०एस० संख्या 2725/2023 में दिनांक 17.07.2023 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में मामले की सुनवाई दिनांक 09.01.2024 को अपराहन् 05.00 बजे सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखण्ड, रांची के कार्यालय कक्ष में निर्धारित की गई है।

जिसमें याचिकाकर्ता को अपने दावे से संबंधित अभिलेख / साक्ष्य के साथ निर्धारित सुनवाई में सशरीर उपस्थित होने को कहा गया है।

टेट सफल 2016 की होगी सीधी नियुक्ति ? हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में शिक्षा विभाग हुआ रेस

 

बतादें कि शिक्षा विभाग की ओर से परिमल कुमार बनाम झारखंड सरकार के केस में जो हाई कोर्ट का आर्डर आया था उस ऑर्डर के विहाब में 2012 शिक्षक नियुक्ति नियमावली से संबंधित पक्ष के लिए अभ्यर्थियों का पक्ष को रखने के लिए 9 जनवरी 2024 को याचिकाकर्ता को बुलाया गया है।

17 जुलाई 2023 को टेट सफल की मेरिट लिस्ट व सीधी नियुक्ति पर हाइकोर्ट ने सरकार को दिया था निर्देश

झारखंड हाई कोर्ट ने 17 जुलाई 2023 को सुनवाई करते हुए वर्ष 2016 में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर राज्य सरकार को निर्णय लेने को कहा था। अदालत ने इसे लेकर सरकार को छह सप्ताह का समय दिया था। जस्टिस डा. एसएन पाठक की अदालत ने सुनवाई के बाद यह आदेश दिया था।

बतादें कि झारखंड अधिविद्य परिषद द्वारा वर्ष 2016 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर परिमल कुमार सहित अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसका सुनवाई के क्रम में कोर्ट ने उक्त आदेश राज्य सरकार को दिया था।

सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत को बताया गया था कि निशुल्‍क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य की गई है।

राज्य में इस कानून के तहत वर्ष 2012 में सहायक शिक्षक नियुक्ति नियमावली गठित की गई थी और उसी आधार पर प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति की पात्रता तय करने के लिए पहली शिक्षक पात्रता परीक्षा 2012-13 में हुई और इस परीक्षा के आधार पर वर्ष 2013 तथा 2015 में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई। राज्य में परिषद के माध्यम से ही दूसरी पात्रता परीक्षा वर्ष 2016 में आयोजित हुई पर मेरिट सूची जारी नहीं की गई। साथ ही प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति की भी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, जिस कारण वर्ष 2016 में टेट उत्तीर्ण हजारों अभ्यर्थी पात्रता रखते हुए भी प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति से वंचित हैं। उन्हें नियुक्ति में आज तक कोई भी अवसर ही नहीं मिला। इसलिए टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर निर्णय लेने का आदेश सरकार को दिया जाए। इस पर अदालत ने छह सप्ताह में सरकार को निर्णय लेने को कहा था। जिसपर विभाग ने 5 महीने बाद 9 जनवरी 2024 को सुनवाई के लिए सम्बंधित अभिलेख या साक्ष्य के साथ सशरीर याचिकाकर्ता को बुलाया है। यदि इसमें इनकी जीत होती है तो 2016 के टेट पास अभियर्थियो को शिक्षक नियुक्ति में मौका मिल सकता है।

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