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झारखंड के सरकारी स्कूलों का बदल सकता है समय, सुबह नौ से शाम पांच बजे तक होगी पढ़ाई

झारखंड के सरकारी स्कूलों का बदल सकता है समय, सुबह नौ से शाम पांच बजे तक होगी पढ़ाई

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झारखंड के सरकारी स्कूलों का बदल सकता है समय, सुबह नौ से शाम पांच बजे तक होगी पढ़ाई

झारखंड के सरकारी स्कूलों का बदल सकता है समय, सुबह नौ से शाम पांच बजे तक होगी पढ़ाई

झारखंड के सरकारी स्कूलों का समय में जल्द ही बड़ा बदलाव हो सकता है। स्कूलों में सुबह नौ से शाम के पांच बजे तक पढ़ाई हो सकती है।

नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) फार स्कूल एजुकेशन के तहत यह बदलाव हो सकता है। इस फ्रेमवर्क के निर्देश को बिहार ने लागू कर दी है। लागू होने के बाद प्रारंभिक,माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई का समय बढ़ जाएगा।

झारखंड के स्कूली शिक्षा के लिए प्राथमिकता में है। इस पर विभागीय मंथन भी शुरू हो चुका है। नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फार स्कूल एजुकेशन के अंतर्गत प्रारंभिक विद्यालय में प्रतिदिन सात घंटे 15 मिनट एवं माध्यमिक विद्यालय में प्रतिदिन 8 घंटे 35 मिनट की पढ़ाई का प्रविधान की गई है।

एनसीएफ की समय सारिणी को लेकर सर्वप्रथम ग्राम स्तर पर लोगों को जागरूक किया जाएगा। वहिं शिक्षकों को भी विभाग इस संबंध में अवगत कराने जा रही है। आज नहीं तो कल एनसीएफ को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग लागू करना ही पड़ेगा। इस संबंध में विभागीय रूप से व्यापक अध्ययन की जा रही है। एनसीएफ 2023 से ही प्रभाव में है।

नई व्यवस्था से ये होगा फायदा

नई ब्यवस्था से बच्चों को शिक्षक ज्यादा समय दे पाएंगें पहले ही तय कर सकेंगे कि उस दिन बच्चों को क्या क्या पढ़ाना है। शिक्षक एक घंटा के पूर्व लेसन प्लान तैयार कर पाएंगे। विभाग द्वारा निर्देश दिया गया है कि शिक्षक प्रत्येक दिन बच्चों को लेसन प्लान के हिसाब से पढ़ाएं।

एनसीएफ के तहत सफ्ताह में 45 घण्टा शिक्षण कार्य अनिवार्य

एनसीएफ ने अपना फ्रेमवर्क निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 को आधार बनाकर तैयार की है। मानक के मुताबिक विद्यालय शैक्षणिक वर्ष में कार्य दिवस, शिक्षण घंटे एवं शिक्षकों के लिए प्रति कार्य घंटों की न्यूनतम संख्या तय की गई है। पहली से पांचवीं कक्षा के लिए एक वर्ष में 200 कार्य दिवस एवं छठी से आठवीं कक्षा के लिए एक वर्ष में 220 कार्य दिवस तय की गई हैं। अभी सरकारी स्कूलों में सप्ताह में मात्र 34 घंटे ही पढ़ाई होती है। एनसीएफ लागू होने पर सफ्ताह में 45 घण्टे यानि कि साल में 800 घण्टे पढाई अनिवार्य हो जाएगी।

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