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राज्य के महिला कर्मियों को शिशु देखभाल हेतु 2 साल के सवैतनिक अवकाश की सुविधा मिले : अंबा प्रसाद ने विधानसभा में …

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राज्य के महिला कर्मियों को शिशु देखभाल हेतु 2 साल के सवैतनिक अवकाश की सुविधा मिले : अंबा प्रसाद ने विधानसभा में …

राज्य के महिला कर्मियों को शिशु देखभाल हेतु 2 साल के सवैतनिक अवकाश की सुविधा मिले : अंबा प्रसाद ने विधानसभा में ...

विधानसभा शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन बड़कागांव से कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने केंद्र सरकार एवं अन्य राज्यों की भांति झारखंड सरकार से राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत महिला कर्मियों को शिशु देखभाल हेतु 2 साल के सवैतनिक अवकाश की सुविधा प्रदान करने की मांग की।

उन्होंने सदन का ध्यानाकृष्ट करते हुए कहा कि देश के अधिकांश राज्यों एवं केंद्र सरकार में बच्चों की देखभाल हेतु महिलाओं को सवैतनिक शिशु देखभाल अवकाश की सुविधा प्राप्त है। जिसमें महिला कर्मियों को उनके सेवा काल में 2 वर्षों के लिए शिशु देखभाल अवकाश की सुविधा मिलती है। यह दुख का विषय है कि झारखंड में इस प्रकार की सुविधा महिला कर्मियों के लिए उपलब्ध नहीं है।

 

शून्यकाल प्रश्न के दौरान विधायक अकेला ने इको सेंसेटिव जोन का उठाया मामला

शून्यकाल प्रश्न के दौरान विधायक अकेला ने इको सेंसेटिव जोन का उठाया मामला

चौपारण : झारखंड विधानसभा सत्र के तीसरे दिन सदन में बरही विधायक सह निवेदन समिति के सभापति उमाशंकर अकेला ने शून्यकाल प्रश्न के दौरान हज़ारीबाग़ ज़िले में लागू ईको सेंसेटिव ज़ोन का मामला में उठाया। उन्होंने कहा कि हजारीबाग जिले के ईको सेंसिटिव ज़ोन घोषित हो जाने की वजह से स्थानीय निवासियों को कई व्यवसाय को बंद करना पड़ा हैं, जिसके कारण लोगों के सामने घोर बेरोज़गारी का संकट उत्पन्न हो गया है। विधायक श्री अकेला ने सदन में कहा कि इको सेंसिटिव ज़ोन क्षेत्र का दायरा पाँच किलोमीटर है उसे घटाकर एक किलोमीटर तक सीमित करने की मांग की।

चौपारण : झारखंड विधानसभा सत्र के तीसरे दिन सदन में बरही विधायक सह निवेदन समिति के सभापति उमाशंकर अकेला ने शून्यकाल प्रश्न के दौरान हज़ारीबाग़ ज़िले में लागू ईको सेंसेटिव ज़ोन का मामला में उठाया। उन्होंने कहा कि हजारीबाग जिले के ईको सेंसिटिव ज़ोन घोषित हो जाने की वजह से स्थानीय निवासियों को कई व्यवसाय को बंद करना पड़ा हैं, जिसके कारण लोगों के सामने घोर बेरोज़गारी का संकट उत्पन्न हो गया है। विधायक श्री अकेला ने सदन में कहा कि इको सेंसिटिव ज़ोन क्षेत्र का दायरा पाँच किलोमीटर है उसे घटाकर एक किलोमीटर तक सीमित करने की मांग की।

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