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वाट्सएप पर शिक्षकों की छुट्टी के आवेदन नहीं होंगे स्वीकार, अब करना पड़ेगा यह काम

वाट्सएप पर शिक्षकों की छुट्टी के आवेदन नहीं होंगे स्वीकार, अब करना पड़ेगा यह काम

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वाट्सएप पर शिक्षकों की छुट्टी के आवेदन नहीं होंगे स्वीकार, अब करना पड़ेगा यह काम

वाट्सएप पर शिक्षकों की छुट्टी के आवेदन नहीं होंगे स्वीकार, अब करना पड़ेगा यह काम

वाट्सएप पर शिक्षकों को छुट्टी का आवेदन अब स्वीकार नहीं होंगे। छुट्टी के लिए आवेदन को भौतिक रूप से स्कूल में ही पहुंचाना पड़ेगा।

जिससे निरीक्षण करने जाने वाले पदाधिकारी यह देख पाएंगे कि आवेदन किस तारीख को दी गई है और किस तिथि को वह स्वीकृत की गई है। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है।

जिलाधिकारियों को उन्होंने निर्देश देते हुए कहा है कि वह जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सूचित करें कि किसी भी शिक्षक, कर्मी एवं पदाधिकारी का आवेदन वाट्सएप पर नहीं लिया जाए।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि एक जुलाई से स्कूलों
का निरीक्षण की जा रही है। निरीक्षण के बेहतर परिणाम भी आए हैं। शिक्षकों की उपस्थिति बढ़ी है एवं समय से स्कूल भी खुल रहे हैं।

40 हजार स्कूल का प्रतिदिन निरीक्षण भी हो रही है। इस दौरान यह बात सामने आई है कि वाट्सएप पर आवेदन देकर शिक्षक छुट्टी पर कुछ शिक्षक चले जाते हैं। कुछ
शिक्षकों के बारे में पता भी चला है कि वह निरीक्षण होने के बाद समय से पहले ही स्कूल से नदारद हो जाते हैं।

अब स्कूलों का निरीक्षण दो पालियों में भी होगा

अब स्कूलों का निरीक्षण दो पालियों में भी होगा। इसके लिए स्कूल तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। पहली पाली, दूसरी पाली और दोनों पालियों में होने वाले निरीक्षण के लिए स्कूलों की श्रेणियां भी बनाई जाएगी। इससे संदेश जाएगा निरीक्षण किसी भी समय में भी हो सकता है।

स्कूल से 15 किमी के दायरे में रहना है अनिवार्य

प्राथमिक से लेकर उच्च
माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों का आवास निर्धारित स्कूल से 15 किलोमीटर के दायरे में ही रहना है। शिक्षकों से इसका शपथ पत्र भी 31 जनवरी तक मांगा गया है। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव के द्वारा बुधवार को सभी डीईओ को पत्र भेजा गया है। डीईओ से कहा गया है कि अपने जिले के सभी प्राथमिक, मध्य,माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों में पदस्थापित शिक्षकों को निर्देश दें कि सभी शिक्षक अपनी सुविधानुसार अपने स्कूल के प्रखंड मुख्यालय या फिर स्कूल के 15 किलोमीटर की परिधि में ही आवास का व्यवस्था रखे, ताकि वे सभी ससमय विद्यालय पहुंच सकें एवं उन्हें किसी प्रकार की असुविधा भी नहीं हो। वहीं आवास भत्ता नियमावली के प्रावधान भी यथावत लागू रहेंगे।

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