Search
Close this search box.

झारखंड के 62 हजार पारा शिक्षकों को 29 दिसम्बर को मिल सकता है बड़ी खुशखबरी,

पारा शिक्षकों के आकलन परीक्षा को लेकर JAC ने जारी किया महत्वपूर्ण सूचना

Join Us On

झारखंड के 62 हजार पारा शिक्षकों को 29 दिसम्बर को मिल सकता है बड़ी खुशखबरी

झारखंड के 62 हजार पारा शिक्षकों को 29 दिसम्बर को मिल सकता है बड़ी खुशखबरी,

रांची : झारखंड के 62 हजार पारा शिक्षकों को 29 दिसम्बर को बड़ी खुशखबरी मिल सकता है। पारा शिक्षकों ने इसे पूरा करवाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। जिसमें कहा गया है कि चुनावी घोषणापत्र का अनुपालन ना होने के स्थिति में “वादा पुरा करो हेमंत सरकार, सहायक अध्यापक आपके द्वार” सांगठनिक कार्यक्रम के तहत झारखण्ड सरकार के 4 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में सहायक अध्यापकों का 29 दिसंबर को रांची में आक्रोश रेली/ अनिश्चितकालीन घेरा डालो- डेरा डालो कार्यक्रम करेंगे।

संदर्भ में कहा गया है कि झारखण्ड मुक्ति मोर्चा एवं कांग्रेस के महागठबंधन ने गत विधानसभा चुनाव के पूर्व वादा किया था कि सरकार बनने के तीन माह के अन्दर सभी पारा शिक्षकों को वेतनमान दिया जाएगा। सरकार बनने से पूर्व माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी आपके द्वारा भी “संविदा- संवाद” नामक हमारे कार्यक्रम में ये वादा किया गया था कि सरकार बनने के साथ ही “रामान काम के समान वेतन” के तहत पारा शिक्षकों को वेतनमान का तोहफा दिया जाएगा, मगर सरकार बनने के चार वर्ष गुजर जाने के बाद भी वेतनमान सहित अन्य मुद्दों पर सकारात्मक पहल नहीं किए जाने से राज्य भर के सहायक अध्यापकों में आक्रोश व्याप्त है।

11 दिसम्बर एवं 14 दिसम्बर 2021 को दिवंगत शिक्षा मंत्री स्व. जगरनाथ महतो जी के अध्यक्षता में माननीय विधायक श्री सुदीव्य कुमार सोनू, शिक्षा सचिव, परियोजना निदेशक एवं अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में बिहार मॉडल पर वेतनमान के लिए हाई लेबल कमेटी की बैठक हुई जिसमें अधिकारियों के द्वारा अनावश्यक और आधारहीन पेंच लगाकर पारा शिक्षकों को वेतनमान से वंचित कर दिया गया और वर्तमान में भविष्य सुरक्षा के विभिन्न प्रस्ताव के साथ तत्काल मानदेय वृद्धि एवं पारा शिक्षकों के सेवा स्थायीकरण वाली “सहायक अध्यापक सेवा शर्त नियमावाली 2021” को लाकर झारखण्ड केबिनेट से पारित करा लिया गया।

अल्पंसख्यक विद्यालयों में बिना टेट की नियुक्ति और वेतनमान

माननीय मुख्यमंत्री जी एक तरफ आपकी लोकप्रिय सरकार के द्वारा अल्पसंख्यक विद्यालय में बिना टेट और अन्य अहर्ता परीक्षा का शिक्षकों की नियुक्ति कर 9300-34800 का वेतनमान दिया गया वहीं दूसरी तरफ झारखंड के मूलवासी आदिवासी पारा शिक्षक / सहायक अध्यापक जो विगत 20 वर्षों से अपनी सेवा दे रहे हैं उन्हें वेतनमान देने में सरकार एवं अधिकारियों को तकनीकी/ कानूनी परेशानी हो रही है. यह आपके नेतृत्व वाली सरकार की दोहरी नीति और हमलोगों के साथ सौतेला व्यवहार है.

सहायक अध्यापक सेवा शर्त नियमावली 2021 के आधार पर झारखण्ड में, आकलन परीक्षा उत्तीर्ण सहायक अध्यापको को सिर्फ 10% मानदेय वृद्धि का प्रावधान रखा गया, वहीं दूसरी तरफ बिहार में आकलन परीक्षा उतीर्ण वहां के नियोजित
शिक्षकों को विगत कई वर्षों से वेतनमान एवं वर्तमान में राज्यकर्मी का दर्जा दिया जा रहा है.

वेतनमान और सीटेट के टेट के समतुल्य मान्यता देने की मांग

इसलिए झारखंड के 62000 सहायक अध्यापक आपसे निम्न अनुरोध करते है कि

(1) वेतनमान एवं राज्यकर्मी का दर्जा झारखंड के तमाम सहायक अध्यापकों को बिना विलंब किए अल्पसंख्यक विद्यालय के तर्ज पर वेतनमान 19300-34800) एवं बिहार राज्य के तर्ज पर राज्य कर्मी कादर्जा प्रदान किया जाए.

(2) बिहार राज्य में आकलन (दक्षता परीक्षा) / सीटेट को टेट के समतुल्य मान्यता देते हुए सभी को वेतनमान एवं पेड पे लागू किया गया है, अत झारखंड में भी इसे लागू किया जाये।

बड़ी खबर : सरकारी स्कूलों में महिला शिक्षकों की भर्ती, बिना टेट पास के भी कर सकते हैं आवेदन

x

Leave a Comment