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JPSC नियुक्ति और JSSC नियुक्ति मामले पर हाइकोर्ट ने सुनाया दो बड़ा फैसला

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JPSC नियुक्ति और JSSC नियुक्ति मामले पर हाइकोर्ट ने सुनाया दो बड़ा फैसला

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JPSC नियुक्ति और JSSC नियुक्ति मामले पर हाइकोर्ट ने गुरुवार को दो बड़े फैसला सुनाया है।

आठ सप्ताह में शारीरिक शिक्षक पद पर करे नियुक्त

झारखंड हाईकोर्ट ने BCA (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) को साइंस का स्ट्रीम मानते हुए JSSC को निर्देश दिया कि प्रार्थी को आठ सप्ताह में शारीरिक शिक्षक पद पर नियुक्त करे।।
ज्ञात हो कि प्रार्थी ने याचिका में कहा था कि जेएसएससी ने शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 2016 में एक विज्ञापन निकाला था। इसमें विज्ञान, कला या वाणिज्य में 45 अंक के साथ स्नातक की आहर्ता मांगा गया था। प्रार्थी ने कहा कि वह परीक्षा में बैठा एवं निर्धारित मार्क से अधिक अंक लाया। उसके पास बीसीए की डिग्री थी पर जेएसएससी ने यह कहते हुए उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी कि बीसीए की डिग्री साइंस स्ट्रीम में नहीं आती।

उसके बाद प्रार्थी ने एकलपीठ में याचिका दायर की है। एकलपीठ से राहत नहीं मिलने पर प्रार्थी के द्वारा खंडपीठ में याचिका दायर की गई थी। मुकेश कुमार रंजन की इस याचिका पर गुरुबार को जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत ने सुनवाई की।

वहीं प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने कोर्ट को बताया की बीसीए साइंस स्ट्रीम का अंग है। 2014 में यूजीसी के गजट पब्लिकेशन में उल्लेख है कि बीसीए को साइंस स्ट्रीम का अभिन्न अंग है। वहीं कई नए कोर्स साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स स्ट्रीम के अंग हैं।

दूसरा मामला JPSC का

बता दें कि प्रथम और द्वितीय जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी की जांच पहले निगरानी ब्यूरो कर रही थी, बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर इसकी जांच को सीबीआई दे दी गयी थी। इसमें कई आरोपियों के अभियोजन स्वीकृति आदेश नहीं मिलने के कारण मामले की सुनवाई पूरी तरह से नहीं हो पा रही है। इस पर कोर्ट ने सीबीआई को यह बताने को कहा है कि किसके खिलाफ अभियोजन स्वीकृति मिली है एवं किस पर नहीं मिली है।

गौरतलब हो कि इसी बेंच में प्रथम एवं द्वितीय सिविल सेवा परीक्षा के मामले में एकलपीठ के आदेश के खिलाफ सरकार की अपील याचिका पर भी सुनवाई सूचीबद्ध है।

गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से बताया गया कि इस मामले की जांच चल रही है। अभियोजन का ब्योरा देने के लिए समय चाहिए । जिस पर चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा एवं जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने सीबीआई को दो सप्ताह में अद्यतन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

जेपीएससी की प्रथम एवं द्वितीय सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी मामले के आरोपियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति के मामले पर विस्तृत जानकारी देने के लिए सीबीआई ने दो सप्ताह का समय की मांग की थी। जिसके आलोक में कोर्ट ने दो सफ्ताह का समय दिया है

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