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शिक्षकों के लिए चिंता वाली खबर : कैबिनेट से नहीं पारित हुआ हुबहू पेंशन

शिक्षकों के लिए चिंता वाली खबर : कैबिनेट से हुबहू पेंशन नहीं हुआ पारित

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शिक्षकों के लिए चिंता वाली खबर : कैबिनेट से हुबहू पेंशन नहीं हुआ पारित

शिक्षकों के लिए चिंता वाली खबर : कैबिनेट से हुबहू पेंशन नहीं हुआ पारित

राँची : वर्ष 2005 से ही पुरानी पेंशन की मांग कर रहे प्राथमिक शिक्षकों को 25 जुलाई को संपन्न हुई कैबिनेट बैठक से हु ब हू पेंशन देने का प्रस्ताव पारित हो जाने की बड़ी उम्मीद थी । किंतु इस आशय का प्रस्ताव कैबिनेट में नहीं आने से शिक्षकों को घोर निराशा हुई है।

बताते चलें कि 15 जुलाई 2022 में जब झारखंड सरकार झारखंड के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने का निर्णय लिया था तो उस प्रस्ताव का एक आधार केन्द्र सरकार का संकल्प पत्र को भी बनाया गया था । इसके तहत वर्ष 2004 तक जिन कर्मचारियों का प्रतियोगी परीक्षाओं का परीक्षाफल प्रकाशित हो चुका था उनको हु ब हू पेंशन देने का प्रस्ताव पारित किया गया था।

उस समय भी झारखंड प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ विज्ञापन 2002 से वर्ष 2005 में नियुक्त शिक्षकों को भी सामान्य विज्ञापन के आधार पर हु ब हू पेंशन देने का सरकार से गुहार लगाई थी । किंतु उन्हें यह कहते हुए वंचित रखा गया कि संकल्प आपकी व्याख्या नहीं करता ।

शुक्रवार को को झारखंड प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने जुम मीटिंग कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि वैसे कर्मचारियों का जिनका विज्ञापन 2004 के पूर्व किंतु नियुक्ति बाद में हुई है ।

उनको भी हु ब हू पुरानी पेंशन देने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा जारी संकल्प को आधार बनाते हुए विज्ञापन 2002 के तहत वर्ष 2005 में नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को हु ब हू पुरानी पेंशन देने का निर्णय शीघ्र लें।

जुम मीटिंग का संचालन संघ के महासचिव प्रेम प्रसाद राणा और धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय ने कि। मीटिंग में अध्यक्ष शैलेंद्र सुमन,सचिव मुमताज अहमद ,रजा अंसारी , मनीलाल मंडल ,भोला दीक्षित , बालकृष्ण, ललीत महतो , लीलावती मिंज , नौशाबा शाहिन, श्रवण यादव , राजकिशोर प्रसाद आदि ने भी मांग का समर्थन किया।

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