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ई विद्यावाहिनी ऐप पर अटेंडेंस नहीं बना रहे इतने शिक्षक,जांच के बाद होगी कारवाई

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ई विद्यावाहिनी ऐप पर अटेंडेंस नहीं बना रहे इतने शिक्षक,जांच के बाद होगी कारवाई

ई विद्यावाहिनी ऐप ऐप पर अटेंडेंस नहीं बना रहे इतने शिक्षक,जांच के बाद होगी कारवाई

ई विद्यावाहिनी ऐप पर अब 3 तीन हजार से अधिक शिक्षक अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। अस्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की लाख कोशिशों के बाद भी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के अटेंडेंस बनाने की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। कई बार दिए गए तल्ख निर्देश भी काम नहीं कर रहे हैं।

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की जानकारी के अनुसार राज्य के 3297 शिक्षक ऐसे हैं, जो ई-विद्यावाहिनी ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहे हैं। जेईपीसी के विश्लेषण के क्रम में यह रिपोर्ट सामने आई है कि सैकड़ों नहीं हजारों की संख्या में ऐसे स्कूल हैं, जिसके एक भी शिक्षक ने पिछले महीने ई-विद्यावाहिनी ऐप पर उपस्थिति नहीं बनाई है। इस अवधि में 1167 स्कूलों के 3297 शिक्षकों के बारे में यह रिपोर्ट सामने आई है।

अब जेईपीसी ने यह निर्णय लिया है कि जिला और ब्लॉक एमआईएस कॉर्डिनेटर अब ऐसे स्कूलों में जाएंगे और वहां के बारे में पूरी छानबीन करेंगे। वे वहां की कठिनाइयों को दूर करेंगे। वे यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि क्या जानबूझ कर शिक्षक अपना अटेंडेंस नहीं बना रहे हैं या ई – विद्यावाहिनी के सॉफ्टवेयर में ही कहीं कोई गड़बड़ी है या फिर नेटवर्क का कहीं कोई प्रॉब्लम है।

गौरतलब है कि राज्य में संचालित सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत सभी प्रकार के शिक्षक और गैर शिक्षा कर्मियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपनी उपस्थिति ई-विद्यावाहिनी ऐप के माध्यम से ही दर्ज करें। झारखंड शिक्षा परियोजना की परियोजना निदेशक किरण कुमारी पासी ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिख कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

शिक्षकों ने की है सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी की शिकायत शिक्षकों का कहना है कि ई-विद्यावाहिनी ऐप पर उपस्थिति बनाने में कई समस्याएं सामने आती हैं। एक तो आए दिन नेटवर्क की समस्या रहती है। दूसरी ओर, इस सॉफ्टवेयर में भी गड़बड़ियां हैं। सक्षम अधिकारी से इसकी कई बार शिकायत की गई, पर अब तक नतीजा नहीं निकला है।

बड़ी खबर :झारखंड में 26,001 शिक्षण पदों में से 20,748 स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित हैं और 5,253 नहीं हैं।

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