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जगरनाथ महतो की सियासी विरासत संभालेंगे अखिलेश, बनाए जा सकते हैं मंत्री , झारखंड

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जगरनाथ महतो की सियासी विरासत संभालेंगे अखिलेश, बनाए जा सकते हैं मंत्री , झारखंड

 

 

 

 

रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के एक वरिष्ठ नेता जगरनाथ महतो का 8 अप्रैल, 2023 को चेन्नई में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे झारखंड के शिक्षा मंत्री थे। उनके पार्थिव शरीर को रांची लाया गया और श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद अंतिम संस्कार के लिए उन्हें उनके पैतृक गांव ले जाया गया।

 

महतो जी के निधन से उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में जेएमएम संगठन के लिए दुखद समाचार है। इस खबर के अनुसार, उनके बेटे अखिलेश महतो उनकी सियासी विरासत को संभालने के लिए उत्तरदायी हो सकते हैं। इसके साथ ही, उन्हें उपचुनाव से पहले मंत्री मंडल में शामिल किया जा सकता है, जैसा कि आपने बताया है।

हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद उनके पुत्र हफीजुल अंसारी को सरकार में शामिल किया गया था और मंत्री बनाया गया था। यह एक ऐसी रणनीति हो सकती है जो झारखंड सरकार द्वारा अपनी सभी मौजूदा समस्याओं का सामना करने के लिए अपनाई जा सकती है। अखिलेश महतो को मंत्री मंडल में शामिल करना एक संदेश भी भेज सकता है कि झारखंड सरकार ने उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखा है।

 

जगरनाथ महतो जब तक बीमार रहे उनके इलाज के लिए सीएम हेमंत सोरेन लगातार कोशिश करते रहे । वह जब अस्पताल में भर्ती थे और कोरोना की वजह से उनका फेफड़ा प्रत्यारोपण भी हुआ था तो उन्हें कई महीनों तक मंत्री बनाए रखा। हालांकि बाद में कई महीनों तक सीएम ने खुद उनके ज्यादा बीमार होने पर उनके विभाग की जिम्मेदारी खुद संभाली ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि अब अखिलेश महतो को सीएम हेमंत सोरेन यह अहम जिम्मेदारी दे सकते हैं ताकि वह संगठन को और मजबूत कर सकें।

 

झारखंड राज्य के सियासी दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है। जगरनाथ महतो झारखंड राज्य के एक प्रमुख सियासी नेता थे और उनके निधन से उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में जेएमएम के संगठन को बड़ा झटका लगा है। उनके बेटे अखिलेश महतो को सियासी विरासत संभालने के लिए तैयार होना पड़ सकता है और वह उपचुनाव में जेएमएम के उम्मीदवार के रूप में उतर सकते हैं। इससे झारखंड के स्थानीय राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा असर पड़ेगा।

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