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नियुक्ति : अब जिलों में चिन्हित 22 नहीं 15 भाषाओं में से किसी भी क्षेत्रीय भाषा का चयन कर सकेंगे परीक्षार्थी

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नियुक्ति : अब जिलों में चिन्हित 22 नहीं 15 भाषाओं में से किसी भी क्षेत्रीय भाषा का चयन कर सकेंगे परीक्षार्थी

नियुक्ति : अब जिलों में चिन्हित 22 नहीं 15 भाषाओं में से किसी भी क्षेत्रीय भाषा का चयन कर सकेंगे परीक्षार्थी




झारखंड की नई संशोधित नियमावली के पूर्व की नियमावली में जिलावार सूचीबद्ध 22 भाषाओं में सात भाषाओं को अब हटा दिया गया है। अब परीक्षार्थी जिलों व राज्यस्तरीय सूचीबद्ध 15 भाषाओं से ही किसी एक क्षेत्रीय भाषा या जनजातीय भाषा का चयन परीक्षार्थी कर सकते हैं।




इन सात भाषाओं को सूची से किया बाहर

नियुक्ति की तैयारी में जुटे अभ्यर्थियों लिए जरूरी खबर है। नियुक्ति परीक्षाओं से अब भोजपुरी, मगही , अंगिका, असुर , बिरहोर, बिरजिया , मालतो भाषा को सूची से बाहर कर दिया गया। संशोधित नियोजन नीति से हटाए गए भाषाओं की पढ़ाई झारखंड के स्कूलों में नहीं होती है। इसलिए इसे हटा दिया गया। वहीं नियुक्ति परीक्षाओं की नई संशोधित नियमावली में अब हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत को शामिल किया गया है। नियुक्ति परीक्षाओं के लिए अब जिला से लेकर राज्यस्तर तक सूचीबद्ध 15 भाषाओं की ही परीक्षा ली जाएगी। जिसमें परीक्षार्थी अपने क्षेत्रीय भाषा का चयन कर सकते हैं।




कैबिनेट के निर्णय के बाद कार्मिक विभाग ने संशोधित नियमावली अधिसूचित

झारखंड कैबिनेट के निर्णय के बाद मैट्रिक से लेकर स्नातक स्तरीय नियुक्ति परीक्षा नियमावली में संशोधित नियमावली को कार्मिक विभाग ने अधिसूचित कर दी है।




जारी नियमावली में राज्य एवं जिला स्तर पर मैट्रिक से लेकर स्नातक स्तरीय परीक्षाओं के लिए कुल 15 भाषाओं को सूचीबद्ध की गई है। जिसमें हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृत को नयी भाषा के रूप में शामिल की गई है। वहीं भोजपुरी, मगही व अंगिका, असुर, बिरहोर समेत सात भाषाओं को बाहर किया गया है।

झारखंड की नियुक्ति परीक्षाओं में अब जिला से लेकर राज्यस्तर तक सूचीबद्ध 15 भाषाओं की ही परीक्षा ली जाएगी। पहले जिला व राज्य स्तर पर नियुक्ति के लिए अलग-अलग भाषा चिह्नित थी।

पूर्व में राज्यस्तरीय पदों के लिए 12 और जिलावार 22 भाषा थी शामिल

पहले जिलास्तरीय नियुक्ति परीक्षा के लिए अलग से जिलावार 22 भाषाओं को भाषा चिह्नित थी। वहीं राज्यस्तरीय पदों के लिए होनेवाली परीक्षाओं में 12 भाषाओं को सूचीबद्ध किया गया था। परीक्षाओं में अब हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत को शामिल किया गया है। और भोजपुरी, मगही व अंगिका, असुर, बिरहोर समेत सात भाषाओं को हटा दिया गया है। नियुक्ति परीक्षाओं के लिए अब जिला से लेकर राज्यस्तर तक सूचीबद्ध 15 भाषाओं की ही परीक्षा ली जाएगी।




भाषाओं की परीक्षा 100 अंकों की

अब राज्य व जिलास्तरीय दोनों ही तरह की परीक्षाओं के लिए चयनित 15 भाषाएं राज्य के सभी 24 जिलों में मान्य रहेगी। विद्यार्थी अपनी इच्छानुसार क्षेत्रीय भाषा का चयन कर पाएंगे और इन भाषाओं की परीक्षा 100 अंकों का होगा। परीक्षा में सभी प्रश्न बहुविकल्पीय पूछे जाएंगे।




भाषा चयन को लेकर अब ये प्रावधान

अधिसूचित की गयी नयी नियोजन नियमावली के अनुसार अब अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए झारखंड से मैट्रिक व इंटर पास होने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है।साथ ही अभ्यर्थी को स्थानीय रीति-रिवाज, भाषा व परिवेश का ज्ञान होने की भी अनिवार्यता खत्म कर दी गयी है। अब नियोजन के लिए अभ्यर्थियों को केवल निर्धारित योग्यता का होना अनिवार्य की गई है।




संशोधित नियमावली के अनुसार राज्य के सभी जिलों में चिह्नित 15 भाषाओं में से किसी भी एक क्षेत्रीय और जनजातीय भाषा का चयन परीक्षार्थी कर पाएंगे।

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