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Students Protest : नियोजन नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, 15 दिनों में नई नियोजन नीति की मांग

झारखंड में नियोजन नीति नहीं बनने से छात्रों को भुगतना पड़ रहा खामियाजा, हजारों नियुक्तियां अधर में लटकी

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Students Protest : नियोजन नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, 15 दिनों में नई नियोजन नीति की मांग

Students Protest : नियोजन नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, 15 दिनों में नई नियोजन नीति की मांग

Students Protest : झारखंड में नियोजन नीति हाईकोर्ट से रद्द किए जाने के बाद छात्रों में गुस्सा नजर आ रहा है। सोमवार की दोपहर अचानक हज़ारीबाग़ शहर की सड़क पर छात्रों का सैलाब उमड़ पड़ा। सभी छात्र नियोजन नीति का विरोध कर रहे थे। कोर्रा मटवारी चौक से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र सरकार के विरोध में नारे लगा रहे थे।

पीछे से माइक पर छात्र एक दूसरे को जुटने व अनुशासन बनाए रखने की भी आवाज दे रहे थे। जिला परिषद चौक पर छात्रों का हुजूम जब पहुंचा तो अचानक सड़क को कुछ देर के लिए जाम कर दिया गया। बाद में खुद ही छात्र आगे बढ़ने लगे।

छात्र नेताओं ने क्या कहा

छात्र नेताओं ने कहा कि हाईकोर्ट की पाबंद की बाद राज्य सरकार अब सुप्रीम कोर्ट जाने के नाम पर छात्रों के भविष्य को खराब नहीं करें। इससे छात्रों का बहुत समय बर्बाद होगा।

15 दिनों के अंदर नई नियोजन नीति की मांग

सभी छात्र 15 दिन के अंदर नयी नियोजन नीति बनाने की मांग कर रहे थे। छात्रों का जुलूस जिला परिषद से आगे बढ़कर मेन रोड होते हुए पुन बंशी लाल चौक पहुंचा। बाद समाहरणालय तक भी गया। वहां प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा।

सीएम शिक्षा मंत्री के खिलाफ
लगाए नारे

सीएम शिक्षा मंत्री के खिलाफ लगाए नारे छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और शिक्षा मंत्री जगरन्नाथ महतो के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। नियोजन नीति रद्द होने के बाद झारखंड के सभी प्रतियोगी परीक्षा की प्रक्रिया रद्द कर दी गई। ऐसे में बेरोजगारों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।अन्नदा चौक और झंडा चौक में किया सीएम और शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका। छात्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

नौकरी की उम्मीदें पर फिरा पानी

नेतृत्व कर रहे युवकों ने कहा कि यह तो बानगी है यदि सरकार तुरंत नियोजन नीति बना कर युवकों को रोजगार देने का काम नही करती है तो सभी युवा सड़क पर उतर कर आंदोलन करेंगे जिसे रोकना सरकार के लिए आसान नहीं होगा। एक ओर बेरोजगार युवकों की उम्र बढ़ती जा रही है तो दूसरी ओर सरकार की नियोजन नीति की वजह से नौकरी की उम्मीदें क्षीण होती जा रही है। इससे युवाओं में और ज्यादा रोष पनप रहा है।

राज्य की नियोजन नीति को लेकर शुरू से ही कयास लगाया जा रहा था कि यह नीति कोर्ट में नही टिकेगी। रैली में शामिल युवकों ने बताया कि सरकार युवाओं को नौकरी देने को लेकर गंभीर नही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरन ने 2022 को नियुक्ति वर्ष घोषित किया था।

शिक्षा मंत्री का हजारीबाग दौरा हुआ रद्द

सोमवार को साक्षरता मंत्री जगरन्नाथ महतो का हजारीबाग दौरा प्रस्तावित था। मंत्री को इंदिरा गांधी स्कूल जाना था। इसके बाद कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बड़कागांव में भी मंत्री को जाना था। इंदिरा गांधी स्कूल में आउट सोर्सिंग से बहाल 43 कर्मियों को बाहर निकाल दिया गया है। नवंबर माह से निकाले गये कर्मी आंदोलनरत है।

वहीं कस्तूरबा गांधी विद्यालय बड़कागांव में एक छात्रा फांसी पर लटकी मिली थी। इन दोनों मामलों को लेकर मंत्री का दौरा था। बताया जाता है कि बेरोजगार युवकों का प्रदर्शन की भनक लगते ही मंत्री ने दौरा रद्द कर दिया। हालांकि दौरा रद्द होने की वजह शीतकालीन सत्र आहूत होने को बताया गया है।

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